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केंद्रीय जेल में बंद कैदी पर वसूली का आरोप, नशे का सामान पहुंचाने के लिए वसूल रहा मोटी रकम.

1729101738764568 0बिलासपुर 16 अक्टूबर 2024।बिलासपुर केंद्रीय जेल में कैदियों और हवालातियों से वसूली करने के मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। जेल में बंद सजायाफ्ता कैदी अंजोर बंजारे और अन्य बंदियों के परिजनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में एक शिकायत पत्र भेजा है। परिजनों का आरोप है कि जेल में अपहरण के मामले में सजा काट रहे एक कैदी ने वहां अपनी अलग दबंगई कायम कर रखी है और वह बंदियों से विभिन्न तरीकों से पैसों की उगाही कर रहा है। यही नहीं, जेल के भीतर नशे का सामान भी पहुंचाने के नाम पर मोटी रकम की वसूली की जा रही है।

बैरक में जगह देने के नाम पर हो रही है वसूली…

शिकायत के अनुसार, अपहरण के मामले में सजा काट रहा कैदी न सिर्फ अन्य कैदियों से बैरक में जगह देने के नाम पर रुपये की मांग करता है, बल्कि मांग पूरी न होने पर उन्हें प्रताड़ित भी करता है। इसके अलावा, वह मारपीट करने की धमकी देता है और कई बार बंदियों को दूसरे बैरक में स्थानांतरित करवा देता है। बंदियों के स्वजनों का आरोप है कि कैदी की यह जबरन वसूली काफी लंबे समय से चल रही है, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

नशे के सामान के लिए वसूली…

शिकायतकर्ता स्वजनों के अनुसार, जेल में नशे के सामान की भी बड़ी खेप पहुंचाई जा रही है। इस नशे के सामान को बंदियों तक पहुंचाने के लिए संबंधित कैदी भारी रकम वसूल रहा है। यह रकम सीधे उसके भाई के बैंक खाते में ट्रांसफर कराई जाती है। इस गोरखधंधे में जेल के भीतर के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत का भी शक जताया जा रहा है।

मोबाइल फोन और भोजन के नाम पर भी पैसे वसूलता है कैदी…

कैदियों के परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि जेल के भीतर मोबाइल फोन का संचालन काफी सुचारू रूप से हो रहा है। जेल के अंदर बंद कैदी बिना किसी परेशानी के मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, और इस सुविधा के लिए भी कैदियों से मोटी रकम ली जाती है। इसके अलावा, भोजन के नाम पर भी पैसे की वसूली की जा रही है। शिकायत में कहा गया है कि कैदी इस तरह से जेल में अपना साम्राज्य चला रहा है और कमजोर कैदियों को अपने निशाने पर रखता है।

जेल अधीक्षक से की गई शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं…

परिजनों का कहना है कि इस मामले की शिकायत कई बार जेल अधीक्षक से की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि जेल में कैदियों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा है और उनके जीवन को खतरे में डाला जा रहा है। परिजनों ने मांग की है कि इस मामले की तुरंत जांच की जाए और दोषी कैदी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

स्वजनों ने मांगी उच्च स्तरीय जांच…

कैदियों के स्वजनों ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से अपील की है कि जेल में हो रही इस तरह की अवैध गतिविधियों की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। परिजनों का कहना है कि अगर जल्द ही इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया गया, तो जेल के भीतर स्थिति और भी बिगड़ सकती है।

जेल प्रशासन पर सवाल…

इस घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल में कैदियों की सुरक्षा और उनके साथ हो रहे दुर्व्यवहार को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीरता से कदम उठाने की आवश्यकता है। जेल के भीतर मोबाइल फोन का संचालन और नशे के सामान की उपलब्धता ने जेल प्रबंधन की साख पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है।

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